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मेरी पहली पुस्तक "अनकही अभिव्यक्ति" का #विमोचन आज महामहिम राज्यपाल महोदया श्रीमती "आनंदीबेन पटेल" द्वारा लखनऊ में किया गया। नारी जीवन की विसंगतियों पर आधारित यह पुस्तक महामहिम को रूचिकर लगी। 🙏❣️
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क्या आपको पता है ? 🤔 #Psychology
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Dr.Seema reposted
भावनाएं वगैरा आहत हुई या नहीं? नितिन नवीन के रोडशो में हमारे बजरंग बली महाराज को ही नचा दिया। कहाँ मर गए सारे संगठन?, या फिर जब दीपिका पादुकोण बिकनी पहनेगी तभी भावना आहत होगी।
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मोदी जी शायद आपको यह कुछ अनूठा लगा हो लेकिन भारत के लगभग 70% बच्चे ऐसे ही पढ़कर आगे बढ़े हैं। बिल्कुल ऐसे ही.. हां, इस बात पर गर्व हो सकता है कि वो विधायक के लड़के थे फिर भी ऐसे थे। तो पिता ईमानदार रहे होंगे, पैसे नहीं बनाए। अब इसमें नितिन नबीन की कोई महानता या सरलता नहीं है।🙏
ये सादगी और सरलता हर भाजपा कार्यकर्ता के लिए गर्व की बात है। @NitinNabin
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72 साल से तो सही अवसर दिया जा रहा है क्यों प्रतिभा नहीं निखर सकी ? अब और कितने हज़ार साल चाहिए इस दबी हुई प्रतिभा को निखारने के लिए? जिनमें प्रतिभा होती है उन्हें दुनियां में कोई नहीं रोक सकता और जो बैसाखी पर चलने के आदी हो जाएं उनके लिए कोई रेस नहीं बनी।
"प्रतिभा हर जगह मौजूद है। मेरिट सिर्फ एक बहाना है जिसका इस्तेमाल विशेषाधिकार प्राप्त लोग हाशिए पर पड़े लोगों को अवसरों से वंचित करने के लिए करते हैं" -पवन वर्मा देखिये पवन जी, पहले, अगर प्रतिभा होती तो आरक्षण मांगते नहीं! दूसरे, मेरिट से नफरत वही करते हैं, जिनके पास होती नहीं!
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Wow super 👏
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मतलब संकट किसी क्षेत्र विशेष पर नहीं बल्कि पूरे देश के पुरुष समाज पर है। 😳🤔
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ये आप कर सकते हैं, इससे आपका दिमाग कंफर्ट जोन से बाहर आ जाएगा। 👍 #psychology
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Dr.Seema reposted
या तो आप वामपंथी हो सकते हैं, या फिर आप एक देशभक्त हो सकते हैं। आप वामपंथी और देशभक्त एकसाथ नहीं हो सकते। एक वामपंथी कभी भी देशभक्त नहीं हो सकता। : डोनाल्ड ट्रंप, राष्ट्रपति, अमेरिका
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Dr.Seema reposted
She was an employee at a Bengaluru daycare. She saw babies being tortured, loaded on to washing machines, stuffed down toilet bowls. She complained. She was sacked. She became a whistleblower and exposed the horrific crimes. She should have been rewarded. She has been arrested.
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This is a very sensible move; if this has indeed been decided, the BCCI deserves to be commended. That youngster should certainly get a run of 10–12 consecutive innings.
BCCI Told Not To Give 'Break Or Rest' To Vaibhav Sooryavanshi After Nervy Debut #BCCI #Cricket #VaibhavSooryavanshi news18.com/cricket/bcci-told…
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Dr.Seema reposted
अब रावण के मुंह में अब्दुल का दही जम जाएगा
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बाबर आज़म की कप्तानी का सफर 😝 नियुक्ति, विदाई और फिर वापसी। क्या दुर्दशा है पाकिस्तान की, यहां हम किसे खिलाएं किसे निकालें यही नहीं तय कर पा रहे हैं। लाइन लगी हुई है..
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आपको एक छोटी सी कहानी सुनाती हूं, एक महात्मा थे वो अलग अलग गांवों में जाकर प्रवचन किया करते थे। एक दिन उनके मन में आया कि अगर थोड़ी सी जमीन मिल जाती तो अपनी कुटिया बना कर एक ही जगह पर प्रवचन करता इधर-उधर भटकना नहीं पड़ता। उन्हें पता चला कि इस राज्य का राजा बहुत दानी है, तो वो उसके पास चले गए। वहां बहुत से लोगों की लाइन लगी थी, जो जितना मांग रहा था उसे मिल रहा था। जब महात्मा का नंबर आया तो राजा ने पूछा आपको क्या चाहिए, महात्मा ने कहा महाराज थोड़ी सी जमीन मिल जाती तो अपनी कुटिया डालकर वहां प्रवचन करता। राजा ने कहा बहुत अच्छी बात है कितनी जमीन चाहिए, महात्मा सोच में पड़ गये, कि कितनी जमीन मांगना ठीक होगा। वो गणित लगाने लगे। राजा ने उन्हें विचार करते हुए देखा तो कहा कि ठीक है महाराज आप मेरे महल से जितनी दूरी तक पैदल जाकर शाम को वापस लौट सके, वहां तक की सारी जमीन आपकी होगी, आप अपनी बड़ी कुटिया स्थापित करें। महात्मा की खुशी का ठिकाना न था, वो महल से निकल कर जल्दी जल्दी चलने लगे, राजा ने उनके साथ दो घुड़सवार भी भेजे कि उन्हें पानी वगैरह पिलाते रहे और उस जगह तक निशानदेही भी कर दें। कुछ देर बाद महात्मा को लगा कि ऐसे तो मैं ज्यादा जमीन नहीं पा सकूंगा लिहाजा वो धीरे-धीरे दौड़ने लगे। दोपहर में घुड़सवारों ने उनसे पानी पीने को कहा तो उन्होंने कहा अभी समय नहीं है। फिर शाम होने से पहले वो वापस लौटने के लिए दौड़ लगाने लगे, फिर भी उन्होंने पानी पीने के लिए रुकना ठीक नहीं समझा और दौड़ते हुए महल में पहुंचे फिर गिर गए, और ऐसा गिरे कि फिर कभी नहीं उठे। यही है हमारी जिंदगी का सार, हम बस दौड़े चले जा रहे हैं, बिना पानी पिए। अनेक इच्छाओं, महत्वाकांक्षाओं की लालसा हमें पागलों की तरह दिन रात दौड़ा रही है, और पा लें और पा लें की भूख हमें धीरे-धीरे खाती जा रही है। संतोष, सुकून, आराम, हंसी खुशी, ये सिर्फ कागज पर लिखे हुए शब्द बनकर रह गए हैं। क्योंकि हमारे चंचल मन की चाहतें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। ईश्वर के सामने हाथ फैलाए बस यही कहते रहते हैं अरे ओ आसमां वाले बता इसमें बुरा क्या है खुशी के चार झोंके गर, इधर से भी गुजर जाएं ईश्वर ने आपको बहुत कुछ दिया है, उसे सराहें ईश्वर को धन्यवाद दें, और मन में धैर्य और संतोष बनाए रखें, फिर आपको खुश रहने से कोई नहीं रोक सकता।
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सुनते हैं खुशी भी है ज़माने में कोई चीज हम ढूंढते फिरते हैं किधर है ये कहां है जिंदगी में खुशियां बहुत ही ज्यादा जरूरी होती हैं और हर इंसान को खुश रहने का अधिकार होता है। अधिकतर लोग ये दिखाते हैं कि वो खुश हैं, लेकिन उनकी खुशी असलियत से कोसों दूर रहती है। खुश रहने के लिए किसी इंसान को किस चीज़ की जरूरत होती है? यह एक यक्ष प्रश्न है। कई बार हम सोशल मीडिया पर लोगों की खुशहाल तस्वीरें देखकर ही ये समझ लेते हैं कि वो बहुत ही ज्यादा खुश हैं, लेकिन ऐसा होता नहीं है। असल मायने में खुश होना और खुश दिखना दो अलग-अलग बातें हैं। बहुत बार जब आप खुश होते हैं तो उसे दिखाने की जरूरत नहीं पड़ती बल्कि आपके विचार, व्यवहार, बातचीत, चाल ढाल से वो खुशी छलकती रहती है जिसे कोई भी देख सुन सकता है। खुशी से संबंधित एक दिलचस्प बात यह है: कि हमें अच्छा महसूस कराने के अलावा, खुशी वास्तव में हमें अधिक सफल भी बनाती है। हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू में प्रकाशित एक लेख में बताया  गया है कि पाज़िटिव विचारों वाले चिकित्सक 50% अधिक तेजी से इलाज करते हैं तथा उनमें तीन गुना अधिक intellectual flexibility होती है; विद्यार्थी जब खुश होते हैं, तो वे परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करते हैं; मतलब आप जितना खुश रहते हैं उतने ही सफल होते हैं। अब सवाल है कि खुश कैसे रहें, तो इसके बहुत से वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक तरीके बताए जाते हैं। जैसे - • फिजिकल फिटनेस पर जरूर ध्यान दें। व्यायाम से एक नॉर्मल हार्मोन निकलता है जिसे एंडोर्फिन कहा जाता है। इससे दिमाग खुश हो जाता है। • सोशल मीडिया से ब्रेक लें • अपनी तुलना दूसरों से कभी न करें। • गुस्सा दूर करने की कोशिश करें, एंगर मैनेजमेंट करना खुद को खुश रखने की पहली चाभी है क्योंकी जब हमें गुस्सा आता है तो हमारा पूरा शरीर स्ट्रेस में रहता है। • जिस चीज़ के लिए आप खुश हैं उसे डायरी में जरूर लिखें • जिंदगी से निगेटिव चीज़ों को हटाकर, सिर्फ पॉजिटिव चीज़ों पर ध्यान दें। हमेशा पाज़िटिव सोचें। • नियमित संगीत सुनें, अनेक रिसर्च बताते हैं कि ये खुश और पाज़िटिव रहने की बेस्ट थेरेपी है। और भी ऐसे ही कुछ नुस्खे.. लेकिन यह सबकुछ जानते समझते भी लोग न इनको अपना पाते हैं न खुश रह पाते हैं क्यों ? हम सभी चाहते हैं कि खुशियां हमेशा जीवन का हिस्सा बनी रहें। इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए हम रोज सुबह उठकर देर रात तक मेहनत करते हैं। ये सारी मेहनत इसलिए ताकि खुश रह सकें, लेकिन फिर भी खुशी नहीं मिलती है बल्कि, इस कारण से अक्सर तनाव या अवसाद का शिकार बन जाते हैं। तो आइए समझते खुश रहने का एकमात्र उपाय क्या हैं। ॥संतोषम् परम् सुखम् ॥ जी हां यही है खुश रहने का वन एवं ओनली फंडा। कहा गया है - " गोधन, गजधन, बाजधन अनाजधन और रतन धन खान जब आए संतोष धन, सब धन धूरि समान ॥ " जब तक आप अपनी स्थितियों परिस्थितियों से संतोष करना नहीं सीख लेते आप कभी खुश नहीं रह सकते हैं। सन्तोष- एक प्रवृत्ति है तथा सुख और शान्ति उसका परिणाम, किन्तु दुर्भाग्यवश हमारे यहाँ सन्तोष का अर्थ आलस्य और प्रमाद माना जाता है। आलस्य और प्रमाद तो तमोगुण के लक्षण हैं जबकि सन्तोष सतोगुण से उत्पन्न होता है। सन्तोष का अर्थ यह नहीं है कि हम हाथ पर हाथ रखकर बैठ जायें और गाने लगें ‘अजगर करै न चाकरी पंछी करै न काम’ वास्तव में सन्तोष का अर्थ है प्रगति पथ पर धैर्य पूर्वक चलते हुए मार्ग में आने वाले कष्टों और कठिनाईयों का प्रभाव अपने ऊपर न पड़ने देना। संसार के कांटे हम नहीं बीन सकते किन्तु यदि हमने सन्तोष रूपी जूते पहन रखे हैं, तो कोई भी कांटा हमारे मार्ग में बाधक नहीं बन सकता। हम अपनी शक्ति भर अपनी सर्वांगीण उन्नति के लिए प्रयास करें तथा हर परिस्थिति का दृढ़ता पूर्वक मुकाबला करें तथा हर समय मानसिक शान्ति बनाये रखें यही सन्तोष है। लोग कामनाओं की पूर्ति से सन्तोष पाना चाहते हैं किन्तु यह मार्ग गलत है। वह तो कामनाओं को समाप्त करने से ही मिलता है। संतोष का अर्थ है कि आपके पास खुद की परिश्रम और इमानदारी से जो भी प्राप्त है उसमें तृप्त रहना । इससे मन में आत्मसम्मान, स्वाभिमान का भाव जगता है , हृदय प्रफुल्लित रहता है, शरीर निरोग रहता है जीवन में समृद्धि आती है खुशियां आती हैं। हमारे जीवन की सबसे बड़ी बाधा हमारा मन ही है, जब तक वह शांत नहीं है, जब तक उसकी प्रकृति वासनात्मक है, उसे किसी चीज से संतुष्टि नहीं हो सकती, जिस दिन मन शांत हुआ जीवन के सारे दुख और बाधाए स्वयं ही समाप्त हो जाती हैं। 1/2
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ऐसा नाम कौन रखता है भाई 🤔 Third baby of pooja.
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राम मंदिर शिलान्यास के दिन काले कपड़े पहन कर संसद जाने वाले नमकहराम दल्लों को आज राम मंदिर चंदे की चिंता हो रही है.. गजबे है 🤔
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ये मासूम चेहरे आप देख रहे हैं, आखिर क्या कमी रह गई परवरिश में जो इन्हें डकैती और फिरौती जैसे काम करने पड़े। ये नोएडा में फ्रेंडशिप के नाम पर लूट करने वाले शातिर गिरोह की मेंम्बर निधि यादव, प्रियंका यादव और रिया यादव हैं। फिलहाल तो जेल की हवा खा रहीं हैं लेकिन सावधान रहें।
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चैप्टर पूरा हो गया, इन्हीं का इंतजार था 🤓
Arundhati Roy joins CJP Protest. This protest has nothing to do with students or NEET 😳
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शहर में तेरी जीत से ज्यादा चर्चे तो मेरी हार के हैं। 🤓
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